एक तो इसका नाम ही बड़ा विचित्र है। समझ में नहीं आता कि कैसे उच्चारण करें। एआरएसएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स। कंपनी के प्रवर्तक अग्रवाल बंधु हैं तो ए शायद वहां से आया होगा। राजेश अग्रवाल प्रबंध निदेशक हैं तो आर वहां से आया होगा, सुबाष अग्रवाल चेयरमैन हैं तो एक एस वहां से आया होगा। सौमेंद्र पटनायक निदेशक (वित्त) हैं और कंपनी से शुरू से जुड़े हैं तो हो सकता है दूसरा एस वहां से आ गया हो।औरऔर भी

शार्प इंडस्ट्रीज के बारे में कल सुबह ही लिखना था। फिर लगा कि जो शेयर पिछले तीन हफ्ते में ही 34.16 रुपए से 159 फीसदी बढ़कर 88.50 रुपए तक पहुंच गया हो, उसके बारे में अब क्या लिखना। लेकिन वो तो कल शाम तक फिर 5 फीसदी की सर्किट सीमा को छूने पहुंच गया। चला गया 92.90 रुपए पर जो उसके 52 हफ्तों का शिखर है और बंद हुआ 92.50 रुपए पर। बता दें कि 1989 मेंऔरऔर भी