ब्रिटेन का बिजनेस दैनिक फाइनेंशियल टाइम्स भारतीय बाजार में उतरना चाहता है, पर इसके लिए उसे अनुमति नहीं मिल पाई है। अखबार के संपादक ने कहा है कि भारत आने की अनुमति नहीं मिलने से उन्हें काफी निराशा है। इस आर्थिक अखबार के संपादक लायनल बार्बर ने कहा, ‘‘हम भारत में सीधे प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं। हम पिछले 20 साल से यहां आने का प्रयास कर रहे हैं। यह निराशाजनक है।’’ बार्बर ने भारत के प्रिंट मीडियाऔरऔर भी

इला पटनायक मुद्रास्फीति का बढ़कर दहाई अंक में पहुंच जाना चिंता का मसला है। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित यह दर अगले कुछ हफ्तों तक और बढ़ेगी। लेकिन उसके बाद यह घटेगी। हमारे नीति-नियामकों को ब्याज दर बढ़ाने से पहले यह बात ध्यान में रखनी चाहिए। वैसे रिजर्व बैंक के नीतिगत उपाय अभी तक कमोबेश दुरुस्त ही रहे हैं। मुद्रास्फीति इसलिए भी चिंता का मसला है क्योंकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) बढ़ रहा है। महीने सेऔरऔर भी

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर सारे भ्रमों को दूर करते हुए केंद्र सरकार कल, बुधवार को एक दस्तावेज जारी करेगी। यह दस्तावेज वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा द्वारा जारी किया जाएगा। मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस दस्तावेज में सरकार की एफडीआई नीति से संबंधित सारे पहलू एक साथ दिए जाएंगे। इनका अंदाज ऐसा होगा कि कोई भी इन्हें आसानी से समझ सकता है क्योंकि सभी नियम काफी सरल अंदाज में पेश किएऔरऔर भी