बैंकों को हर साल अपने कर्ज का 18 फीसदी हिस्सा कृषि क्षेत्र को देना होता है। इसमें से भी 13.5 फीसदी कर्ज सीधे किसानों को दिया जाना चाहिए। नए साल में कर्ज की राशि बीते वित्त वर्ष 31 मार्च तक वितरित रकम के आधार पर निकाली जाती है। बैंकों के लिए यह लक्ष्य पूरा कर पाना हमेशा मुश्किल होता है। जैसे, 2009-10 में गांवों तक पहुंच रखनेवाला बैंक ऑफ बड़ौदा तक 17 फीसदी ही कृषि ऋण देऔरऔर भी

देश के कुल 8 करोड़ 93 लाख 50 हजार किसान परिवारों में से 4 करोड़ 34 लाख 20 हजार परिवार कर्ज के बोझ के नीचे दबे हुए हैं। दूसरे शब्दों में देश के 48.6 फीसदी किसान किसी न किसी रूप में कर्ज लेकर अपना कामकाज चलाते हैं। यह बात राष्ट्रीय सैंपल सर्वे संगठन (एनएसएसओ) के 59वें चक्र की रिपोर्ट नंबर 498 में सामने आई है। किसानों ने जिनसे कर्ज ले रखे है, उनमें बैंकों से लेकर सूदखोरऔरऔर भी