मैन्यूफैक्चरिंग के बिना सेवा क्षेत्र हवाई!
दुनिया के आर्थिक इतिहास में आज तक विकासशील देश से विकसित देश बनने तक की यात्रा हमेशा मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र पर सवार होकर ही पूरी हुई है। ब्रिटेन, अमेरिका, जापान व दक्षिण कोरिया से लेकर ताइवान और चीन तक इसी राह से गुजरे हैं। हालाकि चीन अभी तक विकसित देश नहीं बना है। लेकिन अपनी मैन्यूफैक्चरिंग के दम पर आज वो दुनिया की फैक्टरी बन चुका है। भारत को 2047 तक विकसित देश बनना है तो वो मैन्यूफैक्चरिंगऔरऔर भी
डूब रही सांस चैम्पियन एमएसएमई की
देश के जीडीपी में 30.1% योगदान वाले एमएसएमई क्षेत्र की हालत साल-दर-साल खराब होती जा रही है। लेकिन सरकार का जुबानी जमाखर्च बदस्तूर जारी है। इस बार बजट के पहले कर्तव्य में चैम्पियन एमएसएमई बनाने का वादा है। इससे पहले 2025-26 के बजट में कृषि के बाद इसे विकास का दूसरा इंजिन बताया गया। लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि 2024-25 में इसका बजट आवंटन ₹22,137.95 करोड़ था, संशोधित अनुमान ₹17,306.70 करोड़ का था और वास्तविक खर्चऔरऔर भी
मोदीराज ईस्ट इंडिया कंपनी पर बीस!
ईस्ट इंडिया कंपनी और ब्रिटिशराज में भारत से कच्चा माल लूटकर बाहर ले जाया गया और अंतिम उत्पाद बनाकर दुनिया भर के बाज़ारों में बेचा गया। इसमें सुगमता के लिए उन्होंने भारत में बंदरगाह व सड़कें बनाई और रेल नेटवर्क तैयार किया। उनकी इस अनीति से भारत के लाखों छोटे उद्योग-धंधे और कारीगर तबाह हो गए। मोदी सरकार भी कमोबेश यही कर रही है। अंतर बस इतना है कि वो विदेशी कंपनियों को भारत में कच्चा मालऔरऔर भी
देश चुकाए कीमत, मौज करेंगे विदेशी!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर के डेटा को भारत आने का न्यौता दे दिया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट मे विदेशी कंपनियों को भारत में डेटा सेंटर बनाने पर अगले बीस साल तक टैक्स से मुक्ति दे दी। अब अमेरिकी कंपनी एएमडी ने भारत में 200 मेगावॉट क्षमता का एआई डेटा सेंटर बनाने का इरादा घोषित कर दिया। इसमें उसने टीसीएस को जूनियर पार्टनर बनाया है। इस तरह मोदी प्रसन्न और सीतारमण का रमण-चक्र पूरा। लेकिनऔरऔर भी






