मेक इन इंडिया का कार्यक्रम चलाया तो विदेशी कंपनियों से खुलकर कहा कि भारत में आकर बनाओ और दुनिया भर में बेचो। लेकिन 11 साल से ज्यादा वक्त बीतने के बाद स्थिति यह है कि देश में जितना विदेशी पूंजी निवेश आ रहा है, उससे ज्यादा स्वदेशी निवेश बाहर जा रहा है। स्वदेशी मैन्यूफैक्चरिंग का भट्ठा बैठ गया, जबकि उद्योग-धंधों में चीनी घुसपैठ बढ़ गई। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में एआई का विशाल वैश्विक सम्मेलन करऔरऔर भी