करीब नौ महीने अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने 14 अप्रैल 2025 को जारी वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में अनुमान जताया था कि कैलेंडर वर्ष 2025 या वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का जीडीपी 4.187 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है जो जापान के अनुमानित जीडीपी 4.186 ट्रिलियन डॉलर से थोड़ा ज्यादा होगा। इस तरह भारत तब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। उस समय सरकार के तमाम मंत्रियों और भाजपा नेताओं के साथ ही नीतिऔरऔर भी

कोई भी जीत या हार अकारण नहीं होती। अमेरिका और चीन आज अगर एआई में इतने आगे निकल गए हैं तो उसकी ठोस वजह है। भारत अगर प्रतिभाओं का विपुल भंडार रखने के बावजूद इतना पीछे छूट गया है तो इसकी व्यक्तिगत नहीं, सरकारी वजह है। अमेरिका में डार्पा (डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी) व नेशनल साइंस फाउंडेशन के साथ ही सिलकॉन वैली के वेंचर कैपिटल फंडों ने दशकों से एआई रिसर्च पर अरबों डॉलर झोंके हैं।औरऔर भी