लालच जब भीड़ पर सवार हो जाए तो उसे भेड़ बनते देर नहीं लगती। लालच में चली भेड़चाल को रोक पाना सेबी ही नहीं, किसी भी नियामक के लिए मुश्किल है। ऐसे में हम रिटेल या व्यक्तिगत ट्रेडरों को ही आत्म-नियंत्रण का परिचय देना होगा। मोटी-सी बात है कि शेयर बाज़ार की ट्रेडिंग में कमाना या गंवाना शुद्ध रूप से प्रोबैबिलिटी या प्रायिकता का खेल है। साफ दिख रहा है कि डेरिवेटिव ट्रेडिंग में 91% व्यक्तिगत ट्रेडरऔरऔर भी