देश में जीडीपी के साथ और जीडीपी के नाम पर ऐसा खेल चल रहा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं और बड़े-बड़े अर्थशास्त्री नज़रअंदाज़ कर रहे हैं, जबकि अवाम बबूचक बना हुआ है। इस बीच अबूझ पहेली है कि जब सब कुछ इतनी तेज़ी से बढ़ रहा है तो आम उपभोक्ता ही नहीं, कॉरपोरेट क्षेत्र तक में क्षमता इस्तेमाल का स्तर और लाभप्रदता अटकी क्यों है? यकीनन भारत इस समय दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। आईएमएफऔरऔर भी