सरकार के नीति-नियामकों को लगता है कि अगर देश में खाने-पीने की चीजों को हटाकर कोर मुद्रास्फीति को अपना लिया जाए तो कहीं कोई ऐतराज़ नहीं नहीं करेगा। वे समझा देंगे कि हमारे यहां रिटेल मुद्रास्फीति तय करनेवाले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में खाने-पीने की चीजों का भार 46% है, जबकि अमेरिका में यह 15%, यूरोप में 20% और यहां तक ब्राज़ील, चीन व दक्षिण अफ्रीका जैसे ब्रिक्स देशों में भी 20-25% है। इसलिए भारत में इस विसंगतिऔरऔर भी