प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही दस साल में देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का दावा करते रहें। लेकिन हकीकत में उनकी नीयत गरीब को गरीब ही बनाए रखने की है। आखिर 81.35 करोड़ लोगों को हर महीने पांच किलो अनाज और 11.8 करोड़ किसानों को हर महीने 500 रुपए की किसान सम्मान निधि देते रहने का क्या तुक है? क्या गरीबों को काम और किसानों को वाजिब दाम नहीं दिया जा सकता?औरऔर भी