इनके झूठ और स्वांग का कोई अंत नहीं!
2024-03-21
यह कड़वी हकीकत है कि ‘सत्यमेव जयते’ के भारत में सदियों से झूठ का बोलबाला रहा है। तुलसीदास ने करीब छह सदी पहले रामचरित मानस में लिख दिया था, “झूठइ लेना झूठइ देना, झूठइ भोजन झूठ चबेना। बोलहिं मधुर बचन जिमि मोरा, खाइ महा अहि हृदय कठोरा।” मानस में भगवान राम के मुंह से असंतों के बारे में कहलवाई गई यह चौपाई आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर एकदम सटीक बैठती है। प्रधानमंत्री मोदीऔरऔर भी

