भारत कैसे बनेगा मैन्यूफैक्चरिंग का हब
2023-12-13
हवा-हवाई दावे बिखरते हैं तो हवामहल धराशाई हो जाता है। दावा करनेवाले उड़कर भाग जाते हैं, जबकि जनता के पास त्राहि-त्राहि करने के सिवाय कोई चारा नहीं रहता। भारतीय अर्थव्यवस्था के ताजा हाल को देखकर कभी-कभी ऐसी ही आशंका दिल दहलाने लगती है। यकीनन शेयर बाज़ार चढ़ा जा रहा है। लेकिन वह आज के यथार्थ नहीं, कल की संभावनाओं पर उछलता है और वह भी दावों व वादों पर। जिनको इस पर शक हो, वे 2008 काऔरऔर भी

