खरीदें सही भाव पर, बेचें सही वक्त पर!
शेयरों में निवेश के पांच बुनियादी नियम हैं। कंपनी को खुद ठोंक-बजाकर देखने के बाद ही निवेश करें। ऐसी ही कंपनी चुनें जो अपने धंधे और लाभप्रदता को लम्बे समय तक बनाए रख सके। ऐसी दमखम वाली कंपनी के भी शेयर तभी खरीदें, जब वे कम भाव में मिल रहे हों क्योंकि ज्यादा भाव में खरीदा तो अच्छा रिटर्न नहीं मिल सकता। निवेश हमेशा लम्बे समय के लिए करें क्योंकि छोटी अवधि की ट्रेडिंग अक्सर घाटे काऔरऔर भी
भारतीय पासपोर्ट क्यों है इतना कमज़ोर!
खूब हल्ला है कि मोदी सरकार के नौ सालों में दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाने के बाद भारत का पासपोर्ट बहुत मजबूत हो गया है। हकीकत क्या है? जापान का पासपोर्ट दुनिया में सबसे मजबूत है क्योंकि वो हो तो 193 देशों में या तो वीसा लेने की जरूरत नहीं होती या पहुंचने पर वीसा मिल जाता है। फिर सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, जर्मनी व स्पेन का नंबर है। फिनलैंड जैसे छोटे देश का पासपोर्टऔरऔर भी
परदेशियों का भेजा धन घटने के आसार
अच्छी बात यह है कि रोज़ी-रोज़गार से लेकर बेहतर जीवन के अवसरों की तलाश में परदेश चले गए भारतीय अपने लोगों को नहीं भूल जाते। वे बराबर अपनी कमाई का एक हिस्सा परिजनों को भेजते रहते हैं। साल 2022 में उनके द्वारा देश में भेजी गई रकम 24% बढ़कर 111 अरब डॉलर पर पहुंच गई। यह रकम दक्षिण एशिया में प्रवासी नागरिकों द्वारा भेजी गई कुल विदेशी मुद्रा का 63% थी और विश्व बैंक के 100 अरबऔरऔर भी
एचएनआई क्यों भागे जा रहे हैं विदेश!
भारत में दस लाख डॉलर (8.2 करोड़ रुपए) से ज्यादा की दौलतवाले करीब 3,44,600 एचएनआई (हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल्स) हैं। इनमें से दस करोड़ डॉलर (820 करोड़ रुपए) से ज्यादा की दौलतवाले 1078 और एक अरब डॉलर (8200 करोड़ रुपए) से ज्यादा की दौलतवाले 123 लोग हैं। देश छोड़कर बाहर बसने की वजह राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक हो सकती है। हेनली एंड पार्टनर्स के सीईओ युर्ग स्टेफन का कहना है कि राजनीतिक स्थिरता, कम टैक्स और निजी स्वतंत्रताऔरऔर भी






