अच्छी बात यह है कि रोज़ी-रोज़गार से लेकर बेहतर जीवन के अवसरों की तलाश में परदेश चले गए भारतीय अपने लोगों को नहीं भूल जाते। वे बराबर अपनी कमाई का एक हिस्सा परिजनों को भेजते रहते हैं। साल 2022 में उनके द्वारा देश में भेजी गई रकम 24% बढ़कर 111 अरब डॉलर पर पहुंच गई। यह रकम दक्षिण एशिया में प्रवासी नागरिकों द्वारा भेजी गई कुल विदेशी मुद्रा का 63% थी और विश्व बैंक के 100 अरबऔरऔर भी