कुत्ता पीछे पड़ जाए तो भागते-भागते दम निकल जाता है और धन पीछे पड़ जाए तो शेयर बाज़ार कुलांचे मारने लगता है। अपने शेयर बाज़ार का यही हाल है। विदेशी धन के पीछे पड़ने से बाज़ार नए ऐतिहासिक शिखर पर जा पहुंचा है। अकेले दो दिन में ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अपने शेयर बाज़ार के कैश सेगमेंट में करीब 18,750 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीद की है। जून महीने में उन्होंने इक्विटी में कुल 47,148औरऔर भी