इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर जितने भी 69,963 किस्म के रीढ़वाले या कशेरुकी (vertebrates) जीव-जन्तु हैं, उन्होंने देखने की क्षमता वाली अपनी आंखें एक बैक्टीरिया के जीन से हासिल की है। यह सच अप्रैल 2023 में पीएनएएस (प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोधपत्र में उजागर किया गया है। दरअसल, हमारी आंखों की संरचना इतनी जटिल है कि विकासवाद का मूलऔरऔर भी

सात दिन पहले सरकार का आखिरी अनुमान आया कि वित्त वर्ष 2022-23 में देश का जीडीपी 160.06 लाख करोड़ रुपए रहा है जो पिछले वित्त वर्ष 2021-22 के जीडीपी 149.26 लाख करोड़ रुपए से 7.2% ज्यादा है। तालियां बजती रहीं कि यह तो 7% के पिछले अनुमान को भी पार कर गई। लेकिन इसे कृषि की 4% और सेवा क्षेत्र की 9% विकास दर के दम पर हासिल किया गया है। मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की विकास दर इसऔरऔर भी