कहते हैं कि चीन के आंकड़ों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। लेकिन इधर अपने भी आंकड़े दिखाते कम और छिपाते ज्यादा है। मसलन, नया आंकड़ा आया है कि मार्च में थोक मुद्रास्फीति की दर घटकर 29 महीनों के न्यूनतम स्तर 1.34% पर आ गई है। मार्च में रिटेल मुद्रास्फीति भी रिजर्व बैंक द्वारा तय 6% की ऊपरी सीमा के भीतर 5.66% पर आ चुकी है। क्या इसका मतलब यह कि महंगाई की मार घट रही है?औरऔर भी