बढ़ना कुछ दिन है चार दिन की चांदनी
2022-07-15
डर इस बात का है कि जरा-सी आशा और गहरी निराशा के बीच डूबते-उतराते शेयर बाज़ार में सालोंसाल से ट्रेड कर रहे प्रोफेशनल व रिटेल ट्रेडर कहीं अंततः हाथ न खड़ा कर दें। बोल पड़े कि यह लै अपनी लकुटि कमरिया, बहुतहिं नाच नचायो। ट्रेडरों के लिए इसका कोई व्यावहारिक समाधान तो नहीं नज़र आता। लेकिन विकल्प हो तो उन्हें कुछ समय के लिए निवेशक बन जाना चाहिए। बाजार का कोई भरोसा नहीं। मंदी के माहौल मेंऔरऔर भी

