जिन विदेशी निवेशकों (एफआईआई) को भारतीय शेयर बाजार का मूलाधार माना गया है, वे ही भाग रहे हैं तो बाज़ार को बचाएगा कौन? यकीनन, म्यूचुअल फंड, एलआईसी, बीमा कंपनियां और बैंक जैसी देशी निवेशक संस्थाएं (डीआईआई) अपनी खरीद से विदेशी बिकवाली को बेअसर करने की कोशिश करती हैं। लेकिन विदेशी संस्थाओं के आगे उनकी साझा ताकत भी कहीं नहीं टिकती। इधर डॉलर के मुकाबले गिरते जा रहे रुपए ने विदेशी निवेशकों की घबराहट और बढ़ा दी हैऔरऔर भी