शेयर बाज़ार गिरता ही जा रहा है। पिछले तीन महीनों में रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन में आर्थिक सुस्ती, अमेरिका से लेकर अपने यहां मुद्रास्फीति और ब्याज दरों के बढ़ते जाने जैसे नकारात्मक कारकों ने निवेशकों को अंदर से हिलाकर रख दिया है। इस दौरान बिजली और ऑयल एंड गैस छोड़कर बाकी सभी क्षेत्रों के शेयर सूचकांक गिरे हैं। अच्छी-खासी कंपनियों के शेयर डूबे जा रहे हैं। रुपए इतना कमज़ोर हो गया है कि 77.5 रुपए में एक डॉलरऔरऔर भी