खुद ही समझना होगा बाज़ार का रिस्क
2022-05-10
तमाम एनालिस्ट सारी सलाहों के बाद डिस्क्लेमर लगाते हैं कि उन्होंने जिन स्टॉक्स की चर्चा की, उनमें उनका कोई एक्सपोज़र या निवेश नहीं है। दरअसल, वे शेयर बाज़ार के रिस्क से घबराकर किसी स्टॉक में धन लगाने का जोखिम ही नहीं उठाते। उसी तरह जैसे हलवाई अपनी बनाई मिठाई चखता है, लेकिन खाता नहीं और रेस्टोरेंट वाला रेस्टोरेंट से नहीं, घर से खाना मंगाकर खाता है। दूसरों को कहते फिरते हैं कि चढ़ जा बेटा शूली पर,औरऔर भी

