विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) दुनिया भर की उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से उसी देश में निवेश करते हैं जहां कम रिस्क में ज्यादा रिटर्न पाने की भरपूर संभावना होती है। भारत यकीनन दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ सकनेवाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। लेकिन बढ़ती मुद्रास्फीति, महंगे कच्चे तेल पर निर्भरता, बेलगाम राजकोषीय़ घाटे और अटके आर्थिक सुधारों ने भारत की संभावनाओं को कमज़ोर किया है। क्या एफआईआई इस वजह से भारत से निकल रहे हैं? वेऔरऔर भी