कोरोना के प्रकोप और लॉकडाउन ने हमार शेयर बाज़ार का स्वरूप ही बदल दिया है। पहले जहां रिटेल ट्रेडरों का रोल हाशिये पर था, वहीं अब वे काफी निर्णायक हो गए हैं। खासकर, डेरिवेटिव सेगमेंट में तो वे एफआईआई, डीआईआई व ब्रोकरों की प्रॉपराइटरी फर्मों से भी बड़े खिलाड़ी बन गए हैं। मसलन, शुक्रवार की ट्रेडिंग पर नज़र डालें तो एनएसई के डेरिवेटिव सेगमेंट में कुल 73.13 लाख लॉन्ग सौदे हुए, जिसमें से 43.65 लाख सौदे (59.69%)औरऔर भी