देश के गृहमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जोड़ीदार अमित शाह ने 8 दिसंबर को किसान नेताओं के साथ हुई बैठक में कहा था कि अगर सरकार सभी घोषित 23 फसलों को एमएसपी पर खरीदने लग जाए तो उसे हर साल 17 लाख करोड़ रुपए देने पड़ेंगे। अगर ऐसी बात है तो क्या एमएसपी केवल दिखाने के लिए है, देने के लिए नहीं। हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और? सवाल उठता है कि आखिरऔरऔर भी

आपका मुकाबला लाखों हुनरमंद, अनुभवी व सुविधा-सम्पन्न ट्रेडरों से है। इस बाज़ार में जो उन्नीस पर बीस पड़ेगा,  वही कमाएगा। अगर आपको लगता है कि यूं ही टहलते हुए जाएंगे और इन्ट्यूशन या किसी टिप्स की बदौलत उस्ताद शेर के जबड़े से शिकार छीन लेंगे तो यह आपकी गलतफहमी है। तय करें कि शेयर बाज़ार के किस हिस्से में आप दूसरों पर भारी पड़ सकते हैं और उसके अनुरूप अपनी धार विकसित करें। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी