शेयर बाज़ार में खरीदार ही खरीदार होने से बुलबुला बनता जा रहा है। बाज़ार से शॉर्ट-सेलर गायब हैं। ऐसे में जब भी बुलबुला फटेगा तो कोई नीचे खरीदकर संभालनेवाला नहीं होगा। नतीज़तन, बाज़ार कभी भी गहरा गोता लगा सकता है। तब, इस मौके का फायदा उठाने के लिए किनारे बैठे शॉर्ट-सेलर बाज़ार में कूदकर अफरातफरी को भुनाने लग जाएंगे और पलक झपकते ही ट्रेडरों और निवेशकों के लाखों करोड़ स्वाहा हो सकते हैं। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी