बेताबी मनी-लॉन्ड्रिंग एक्ट लगाने की!
2020-10-08
बैंकों व वित्तीय संस्थाओं को किसी भी संदिग्ध सौदे की रिपोर्ट सात दिन में एफआईयू को देनी होती है। ब्रोकरों ने ऐसी बेहद कम रिपोर्ट दाखिल की हैं, जबकि पिछले छह महीने में औसतन प्रतिमाह 7.6 लाख नए निवेशक शेयर बाज़ार में उतरे हैं। इसलिए वित्त मंत्रालय को अंदेशा है कि ब्रोकर अपने ग्राहकों के सौदे छिपा रहे हैं। दरअसल, संदिग्ध सौदों की रिपोर्ट मिलने पर ही मनी-लॉन्ड्रिंग एक्ट लगाकर जांच होती है। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

