वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के तहत काम कर रही वित्तीय खुफिया इकाई के अधिकारियों ने वीडियो लिंक के ज़रिए अगस्त में 20 से ज्यादा प्रमुख शेयर ब्रोकिंग फर्मों से पूछताछ की है। पूछा गया कि संदिग्ध सौदों की रिपोर्ट (एसटीआर) जमा करने में उन्होंने ढिलाई व कोताही क्यों बरती है। चार खास ब्रोकिंग फर्मों – जेरोधा, रिलायंस सिक्यू., आरकेएसवी सिक्यू. व मोतीलाल ओसवाल के साथ आगे फिर से बैठक की जानी है। अब बुध की बुद्धि…औरऔर भी