आज नगरों-महानगरों की चौहद्दियों से लेकर राज्यों की सीमाओं और गांवों के ब्लॉक व पाठशालाओं तक लाखों मजदूर अटके पड़े हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व पंजाब तक से प्रवासी मजदूर अपने गांवों को कूच कर चुके हैं। जो नहीं निकल पाए हैं, वे माकूल मौके व साधन के इंतज़ार में हैं। उन्हें अपने मुलुक या वतन पहुंचने की बेचैनी है। एक बार गांव पहुंच गए तो शायद कोरोना का कहर खत्म होने के बाद भी वापस शहरों काऔरऔर भी

अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो सबसे पहले यह बात स्वीकार कर लेनी चाहिए कि इसमें 88 प्रतिशत प्रायिकता ऑप्शन बेचनेवाले या राइटर के मुनाफा कमाने की होती है और केवल 12 प्रतिशत प्रायिकता इस बात की होती है कि ऑप्शन खरीदनेवाला जीतकर लाभ कमा सके। यह निष्कर्ष किसी के मन की बात नहीं, बल्कि इसे दुनिया के पहले ऑप्शन एक्सचेंज, शिकागो बोर्ड ऑफ ऑप्शन एक्सचेंज (सीबीओई) के करीब डेढ़ सौ साल के डेटा केऔरऔर भी