बाज़ार गिर रहा हो तो शॉर्ट-सेलिंग उसे गिराती ही चली जाती है। गिरावट जब बहुत ज्यादा बढ़ जाती है तो मांग उठती है कि शॉर्ट-सेलिंग पर रोक लगा दी जाए। हफ्ते भर पहले सेबी ने कुछ स्टॉक फ्यूचर्स की पोजिशन लिमिट आधी कर दी, इंडेक्स डेरिवेटिव्स में शॉर्ट-सेलिंग की सीमा बांध दी और कुछ शेयरों पर मार्जिन दर बढ़ा दी। मकसद था बाज़ार की उथल-पुथल को रोकना। वैसे, इधर शॉर्ट-कवरिंग भी चली है। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी