कितना पहुंच के अंदर, कितना बाहर
2020-01-13
वित्तीय बाज़ार के ट्रेडर की ज़िंदगी कत्तई आसान नहीं। ऐसी-ऐसी चीजें हो जाती हैं, ऐसे-ऐसे कारक खड़े हो जाते हैं, ऐसी-ऐसी खबरें आ जाती हैं जिनका दूर-दूर तक कोई अंदेशा नहीं होता और जो भावों को अनचाही दिशा में मोड़ देती हैं। ट्रेडर की सारी गणना, सारी सावधानी खाक में मिल जाती है। लेकिन इस अनिश्चितता के बीच भी भावों की पक्की खबर की घोषणाएं की जाती हैं। आखिर ये कितनी सही हैं? अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

