धन की बहती धारा सबके लिए खुली
2019-11-25
एक जमाना था, जब लोग अपनी धन-संपदा तिजोरियों में, ज़मीन के नीचे या दीवारों में छिपाकर रखते थे। लेकिन आज धन-संपदा बहती हुई धारा बन गई है। जिनमें हुनर है वे उस धारा में से जब चाहें, मनचाही मात्रा निकाल लेते हैं और जिनमें ऐसा हुनर नहीं है, वे अपनी टूटी किस्मत का रोना रोते रह जाते हैं। वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग बहती धारा से धन निकालने का ऐसा ही एक ज़रिया है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

