बड़े बढ़ते गए, छोटों का पुछत्तर नहीं
2019-11-14
हमारे शेयर बाज़ार में पिछले 22 महीनों में सबसे ज्यादा मार स्मॉल और मिडकैप स्टॉक्स को झेलनी पड़ी है। जहां विदेशी व देशी धन लार्जकैप कंपनियों की तरफ बहता रहा, वहीं स्मॉल व मिडकैप कंपनियों का कोई पुछत्तर नहीं रहा। इससे अच्छा बिजनेस कर रही छोटी व मध्यम कंपनियों के भी शेयर गिरते रहे। उनसे और ज्यादा निवेश निकला, जबकि बड़ी कंपनियों में निवेश बढ़ता ही गया और उनके शेयर चढ़ते ही गए। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी

