जिन विदेशी निवेशकों की तरफ इस साल के बजट में बड़ी आशा भरी निगाहों से देखा गया था, वे अभी नाराज़ चल रहे हैं। खासकर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अपनी बेरुखी जाहिर कर दी है। इस साल जनवरी में इक्विटी से 4262 करोड़ रुपए निकालने के बाद फरवरी से जून तक 84,780 करोड़ डॉलने वाले एफपीआई जुलाई में अब तक 7712 करोड़ निकाल चुके हैं। उनकी खास नाराजगी ‘सुपर-रिच टैक्स’ से है। अब सोम का व्योम…औरऔर भी