बढ़ते गए खर्च तो घट गई घरेलू बचत
2019-07-03
वजह चाहे जो हो, दहाई अंक के विकास का सपना 2018-19 की आखिरी तिमाही तक आते-आते जीडीपी के 5.8% बढ़ने तक सिमट गया। यह पांच साल की न्यूनतम विकास दर है। सरकार ने चुनावों के बाद आखिरकार मान लिया कि बेरोजगारी 45 सालों के उच्चतम स्तर तक पहुंच चुकी है। पांच सालों से देश का निर्यात जहां का तहां अटका रहा, वहीं घरेलू बचत दर 24% से घटकर 17% पर आ चुकी है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

