अर्थव्यवस्था के सारे इंजिनों को एकसाथ फायर करनेवाले बजट की तारीख आ ही गई। फरवरी में तो अंतरिम बजट आया था जिसका मकसद चुनावों में सरकार की हवा बनाना था। मोदी सरकार की बम्पर जीत के बाद समूचे देश की उम्मीदें चरम पर हैं। कॉरपोरेट से लेकर व्यापारी, नौकरीपेशा लोग, किसान व गरीब तक अब हवा-हवाई नहीं, ठोस काम की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वित्त मंत्री के सामने इस बार बड़ी चुनौती है। अब सोम का व्योम…औरऔर भी