जो हमारे मन में होता है, उसे ही हम अक्सर तथ्यों/आंकड़ों से पुष्ट करने में लगे रहते हैं बगैर यह परखे कि तथ्य/आंकड़े सचमुच क्या कह रहे हैं। मनोविज्ञान में इस प्रवृत्ति को कन्फर्मेशन बायस या पुष्टि पूर्वाग्रह कहते हैं। इस पूर्वाग्रह के चलते हम अपनी धारणा के खिलाफ जानेवाले हर तथ्य/आंकड़े को नकारते रहते हैं। यह प्रवृत्ति यकीनन गलत है। लेकिन इसके बिना शेयर बाज़ार में कोई काम ही नही हो सकता। अब सोम का व्योम…औरऔर भी