समझ ऐसी कि तनाव पैदा ही ना हो
2019-06-07
शेयर बाज़ार में लंबे निवेश का फैसला बहुच सोच-समझकर किया जाता है। लेकिन ट्रेडिंग में अक्सर हम आवेग में फैसला करते हैं। मन में बैठा है कि मुझे कभी घाटा नहीं खाना तो स्टॉप-लॉस के करीब आते ही हम भ्रम, डर व चिंता जैसी भावनाओं के शिकार हो जाते हैं। वहीं, मन में बैठा लिया कि स्टॉप-लॉस तो ट्रेडिंग के बिजनेस की लागत है तो ऐसी नकारात्मकता या तनाव की नौबत नहीं आएगी। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी

