अपनी सोच के उन सारे तत्वों की हमें चेक-लिस्ट बनानी होगी, जो ट्रेडिंग करते वक्त नकारात्मक भावनाओं को हवा देते हैं। इस चेक-लिस्ट के लिए कोई बना-बनाया फॉर्मूला नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकती है। इसलिए इस पर हर ट्रेडर को खुद काम करना होता है। मन की गांठें खुद खोलनी पड़ती हैं। इन्हें खोलते ही कमाल होने लगता है और सब जानने की अहमन्यता टूटने लगती है। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी