ब्रांड बन निखर जाते हैं माल व नेता
चुनावों ही नहीं, शेयर बाज़ार तक में छवि का बड़ा महत्व है। नहीं तो दो रुपए का पानी बिसलेरी बनकर बीस रुपए में नहीं बिकता। सामान्य माल जब ब्रांडेड उत्पाद बनता है तो उसके विज्ञापन पर होनेवाले खर्च से कहीं ज्यादा मुनाफा कंपनी को मिलने लगता है। कोकाकोला या पेप्सी इसके नायाब उदाहरण हैं। निवेश लायक कंपनियां चुनते वक्त हमें उनके ब्रांडों की ताकत का भी ध्यान रखना चाहिए। आज तथास्तु में ऐसे ही दमखम वाली कंपनी…औरऔर भी






