स्टॉप-लॉस ट्रेडिंग के बिजनेस का अभिन्न हिस्सा है। इसको इस बिजनेस की लागत भी कहा जाता है। बड़े से बड़ा कामयाब ट्रेडर भी इससे बच नहीं पाता। लेकिन हम उसे स्वीकार नहीं कर पाते क्योंकि हमारे मन में गहरे बैठा है कि हमें कभी नाकाम नहीं होना, घाटा नहीं खाना है। इस विचार या मान्यता के चलते हम स्टॉप-लॉस की वास्तविकता को मनोवैज्ञानिक रूप से पचा नहीं पाते और तनाग्रस्त हो जाते हैं। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी