लंबे निवेश के लिए कभी-कभी लंबा इंतज़ार करना पड़ता है क्योंकि कंपनी लाख अच्छी व संभावनामय हो, लेकिन उसमें सुरक्षित मार्जिन का ध्यान न रखा और महंगे भाव पर निवेश कर दिया तो अच्छा रिटर्न मिलना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसलिए हमें कंपनी के शेयर के गिरकर सुरक्षित दायरे में आने का इंतज़ार करना पड़ता है। यह इंतज़ार कुछ महीने से लेकर कुछ साल तक का हो सकता है। आज तथास्तु में ऐसी ही एक कंपनी…औरऔर भी

दुनिया के शेयर बाज़ारों की बनिस्बत अपने बाज़ार की उलट चाल की एक वजह यह भी है कि इधर अपने यहां स्थानीय कारक ज्यादा प्रभावी हो गए हैं। मई के लोकसभा चुनावों ने अभी से बाज़ार को अपने लपेटे में ले लिया है। बाज़ार को आभास हो चला है कि मोदी सरकार अपने भविष्य को लेकर काफी आशंकित है। इसलिए युद्ध का माहौल बनाकर उसको भी भुनाने की पुरजोर कोशिश कर रही है। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी