निवेशकों या ट्रेडरों को अगर लगता है कि शेयर बाज़ार में रिस्क बढ़ रहा है और गिरावट की आशंका ज्यादा है तो वे रिस्क से बचने के लिए पुट ऑप्शन खरीदते हैं जिसमें उन्हें अपने शेयर पहले से तय तारीख और भाव पर बेचने का अधिकार मिला रहता है। ये सौदे अमूमन महीने भर में एक्सपायर हो जाते हैं। ऑप्शन सौदे उनकी होल्डिंग के लिए किसी बीमा पॉलिसी की तरह काम करते हैं। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी