शेयर बाज़ार और अलग-अलग शेयरों के भाव लहरों में चलते हैं। फिर, इन लहरों की तीन चाल होती है। ऊपर, नीचे या सीमित दायरे में भटकती कमोबेश सीधी रेखा। ट्रेडिंग में बाज़ार की इसी स्वभाव से कमाया जाता है। लहर के निचले स्तर पर खरीदना, ऊपरी स्तर पर बेचना। शॉर्ट-सेलिंग में इसका उल्टा। समय का कोई भी फ्रेम चुने, एक दिन, कई दिन, सप्ताह या महीने। ट्रेडिंग से कमाने का यही सलीका है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी