पागल है शेयर बाज़ार, आईना है टेढ़ा!
शेयर बाज़ार हर पल, ठीक उस पल तक उपलब्ध सारी सूचनाओं को दर्शाता है। लेकिन वो बड़ा टेढ़ा-मेढ़ा आईना है जो सूचनाओं के तर्क व विवेकसंगत प्रभाव को नहीं, बल्कि उन्हें काफी कम या बहुत ज्यादा करके दिखाता है। बाज़ार आमतौर पर बुरी खबरों को ज्यादा ही रोता है, जबकि अच्छी खबरों पर बहुत ज्यादा आशावादी हो जाता है। वह अक्सर किसी पागल या हमारे मन के पागलपन की तरह बर्ताव करता है। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

