प्रायिकता की समझ, कमाई बाज़ार से
2018-12-27
इंसान के लालच और डर की कोई सीमा नहीं होती। यही दो भाव या विकार समूचे शेयर बाज़ार को चलाते हैं। यहां भी पचास-सौ नहीं, बल्कि लाखों लोगों के विकार एकसाथ काम करते हैं। इसलिए उनका सम्मिलित परिणाम क्या होगा, इसे कोई भी पहले से पक्का नहीं बता सकता। बड़ी से बड़ी गणना तक में गुंजाइश रहती है कि वह उलटी पड़ जाए। जो प्रायिकता समझते हैं, वही शेयर बाज़ार से कमाते हैं। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

