हालात के नहीं, अपने दोष निकालना
2018-07-24
आप गलत राह पर हो, इसका गहरा अहसास जितनी जल्दी हो जाए, उतनी ही जल्दी आप वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग जैसे तमाम कार्यक्षेत्रों में अपने नकारात्मक तौर-तरीकों को सुधार सकते हो। वहीं, अगर आप अपने बजाय हालात में दोष निकालते हैं तो एक तरह से हाथ खड़े कर देते हैं और कहीं न कहीं मान बैठते हैं कि आपके तईं कुछ नहीं हो सकता। तब आप वही-वही गलती दोहराते रहने को अभिशप्त हैं। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी

