पतंगों जैसा हश्र होता रिटेल ट्रेडरों का
2018-07-11
बारिश का मौसम। पहले तेल के दीए, अब बिजली के बल्ब जलते हैं। लेकिन पतंगों में ऐसा रसायन होता है कि उन्हें कुछ और ही नज़र आता हैं। वे रौशनी पर टूट पड़ते हैं। दीए/बल्ब को कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन सुबह तक नीचे मृत पतंगों का ढेर लग जाता है। शेयर बाज़ार में रिटेल ट्रेडरों का यही हश्र होता है। बचना है तो उन्हें अपना नौसिखियापन छोड़कर प्रोफेशनलों जैसा हुनर सीखना होगा। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

