किताबों या ऑनलाइन वीडियो से ट्रेडिंग सीखने तक तो गनीमत है। लाखों लोगों को लगता है कि वे बिजनेस चैनल देखकर ट्रेडिंग/निवेश में पारंगत हो जाएंगे। लाखों व सालों गंवाने के बाद उन्हें समझ में आता है कि वे मरीचिका में जी रहे थे। ट्रेडिंग में जीत का तुक्का किसी का भी लग सकता है। पर, बराबर जीतना है तो ट्रेडिंग के तर्क-सम्मत नियमों को निरतंर अभ्यास से अपना संस्कार बनाना पड़ता है। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी