सोच व कर्म को बांधती हैं मान्यताएं
2018-07-02
घर-परिवार व समाज से मिली मान्यताएं ट्रेडरों की सोच से लेकर कर्म तक को बांध देती हैं। वे न मुक्त रूप से विश्लेषण कर पाते हैं और न ही सही तस्वीर देख पाते हैं। खुद को नुकसान पहुंचाने के कदम उठाते हैं। वे इससे निकलने के लिए किताबें बढ़ते हैं, अभ्यास करते है, खुद से बार-बार वादा करते हैं कि आगे से गलती नहीं करेंगे। लेकिन पुरानी मान्यताएं उन्हें पटकती रहती है। अब सोम का व्योम…और भीऔर भी

