नज़रिया तय करता है शेयरों के भाव
2018-06-22
शेयरों के भाव कंपनी के फंडामेंटल्स नहीं, बल्कि उसके फंडामेंटल्स के प्रति लोगों के नज़रिए के आधार पर बदलते हैं। वहीं, शेयर के भावों में कंपनी के प्रति लोगों का नजरिया झलकता है। अगर सकारात्मक नज़रिया है तो वे उसे खरीदते हैं। इस तरह बहुत सारे लोगों के खरीदने से स्टॉक के भाव चढ़ते जाते हैं। नकारात्मक नज़रिया है तो लोगबाग स्टॉक को बेचने लगते हैं तो उसके भाव गिरते चले जाते हैं। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी

